हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये - भजन (He Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye)


हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

खा रहा गोते हूं मै, भव सिंधु के मझधार मैं,
आसरा है दूसरा कोई न,अब संसार में,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

hey gurudev karuna sindhu



पाप बोझे से लदी नैया, भंवर में जा रही ,
नाथ दौड़ो अब बचालो, जल्दी डूबी जा रही ,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

आप भी यदि छोड़ देंगे, फिर कहां जाऊंगा मैं,
भव सागर को नाथ कैसे , पार कर पाऊंगा मैं,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

सब जगह मंजिल भटक कर अब शरण ली आपकी,
पार करना या न करना, दोनों मर्जी आपकी ,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

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