हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये - भजन (He Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye)
भजन गायक :
भजन टाइटल :Hey Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye
भजन के भाव :- हे गुरु देव आप अंधेरो से निकालने वाले है और प्रकाश की तरफ ले जाने वाले है . आपके बिना तो मझदार में भटकता ही रहूँगा . आप ही वो हो जो मुझे अंधेरो से निकाल सकते है . यह बहुत ही प्यारा भजन है गुरु देव को समर्पित
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हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
खा रहा गोते हूं मै, भव सिंधु के मझधार मैं,
आसरा है दूसरा कोई न,अब संसार में,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
खा रहा गोते हूं मै, भव सिंधु के मझधार मैं,
आसरा है दूसरा कोई न,अब संसार में,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
पाप बोझे से लदी नैया, भंवर में जा रही ,
नाथ दौड़ो अब बचालो, जल्दी डूबी जा रही ,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
आप भी यदि छोड़ देंगे, फिर कहां जाऊंगा मैं,
भव सागर को नाथ कैसे , पार कर पाऊंगा मैं,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,
सब जगह मंजिल भटक कर अब शरण ली आपकी,
पार करना या न करना, दोनों मर्जी आपकी ,
हे मेरे गुरुदेव करुणा,सिंधु करुणा कीजिए,
हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए,

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