मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है लिरिक्स भजन (Matlab Ki Es Duniya Se Mujhko To )


भजन गायक : Kanhaiyaa Mittal 

भजन टाइटल  :Matlab Ki Es Duniya Se Mujhko To

भजन के भाव :-  मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है भजन के भाव है कि यह दुनिया बेकार है सिर्फ श्याम प्रभु का नाम ही एक सुख है . भक्त कहता है की इस दुनिया में सब स्वार्थी है बस बाबा ही निस्वार्थ भाव से भक्तो की पुकार को सुनते है 

matlab ki es duniya me



                            मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है,

ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है,

जैसे जैसे काम किये तूने मेरे बाबा मैं ही तो बस जानू ये,
तेरे सिवा दुनिया में कोई न हमारा मैं ही तो बस जानू ये,
खाटू वाले श्याम धनि से मुझको महोबत है,
ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है,

रींगस से खाटू जो निशान लेके आया किस्मत जगा दी तूने,
निर्बल को बल मिला निर्धन को धन मिला बिगड़ी बना दी तूने,
तुहि मेरी पूंजी बाबा तू ही मेरी दौलत है,
ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है,

हारे का सहरा कहलाता सांवरिया मुझको सहारा देदो,
नैया मेरी बाबा डूबने लगी है इसको किनारा देदो,
क्यों सारी दुनिया में चलती बाबा तेरी हकूमत है,
ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है,

हर घडी हर पल नाम जपु ऐसी किरपा करदो,
गाये भजन मित्तल होक दीवाना झोली मेरी भर दो,
बड़े दिनों के बाद मिलने का आया महूरत है,
ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है,

मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है,
ओ सँवारे मुझे तेरी जरुरत है.


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